बात जब सुदूर रेत के धोरों के बीच स्थित गावों की हो तो, आधुनिक और भौतिक सुख सुविधाएँ बेमानी लगती है| स्थानीय संसाधनों से निर्मित कुटीर और उस पर रंगोली-मांडना बरबस ही ध्यान आकर्षित कर लेता है | वाह ... क्या भाव और कला का संयोजन है !
राजस्थान की सांस्कृतिक परम्पराएं संपूर्ण राजस्थानी लोक संस्कृति को समेटे हुए रहती है | अब होली के अवसर पर खेला जाने वाला गैर नृत्य को ही देख लो | १. अपने पति को उलाहना देते हुए खेत में खडी हरित आभा बिखेरती नवोदित फसल की सुन्दरता से जलती पत्नी पति को कहती है .................................. https://youtu.be/yL3B0menuiA?t=136